हेल्लो दोस्तों…आज हम आपको “हलाल और झटका मांस” के विषय में बताने जा रहे हैं. साथ ही बताएंगे “हलाल और झटका मांस (Halal and Jhatka Meat) क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. जैसा कि हम जानते हैं कि आज के समय में शाकाहारी लोग बहुत कम रह गए हैं, और लोगों का पसंदीदा भोजन मांसाहार भोजन है. दोस्तों बाजार में आने वाला मांस दो प्रकार का होता है, एक हलाल और दूसरा झटका. लेकिन लोगों के मन में ये सवाल अक्सर आता है कि आखिर दोनों में अंतर क्या है. मुस्लिम हलाल मीट (Halal Meat) खाते हैं जबकि झटका मीट का विरोध करते है. Difference Between Halal and Jhatka Meat

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हाल ही में जोमैटो (Zomato) और मैकडोनाल्ड (McDonald) को झटका की बजाय हलाल मीट (Halal Meat) परोसने को लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा था. इस दौरान कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा था कि जिस देश में 80 फीसदी लोग हिंदू है वहां खानें के नियम उनके हिसाब से तय होने चाहिए. जबकि हम धर्म को लेकर बहस नहीं करना चाहते है.लेकिन आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर हलाल (Halal Meat) और झटका मीट (Jhatka Meat) में अंतर क्या है.

Difference Between Halal and Jhatka Meat
Difference Between Halal and Jhatka Meat

हलाल (मांस) मीट क्या है – What is Halal Meat in Hindi :

यह (हलाल) मीट इस्लामिक धर्म के लोगों की पद्धति है, जिसमे ये जानवरों और मुर्गे को हलाल करते हुए काटते हैं. जिसमे ये पहले कैरोटिड धमनी और विंडपाइप को काट देते हैं, जिसके बाद रक्त की आपूर्ति मस्तिष्क तक नहीं हो पाती है, जिससे फिर जानवर को दर्द का अहसास नहीं होता है. उसके बाद इनके शरीर को धीरे धीरे काटा जाता है और जिससे रक्त पूर्णतः बाहर निकल जाता है और जो मांस बचता है वो स्वस्थ मांस होता है. क्यूंकि रक्त बैक्टीरिया को उत्तपन्न करता है जिससे मांस अस्वस्थ होता है. और हलाल मांस में रक्त नहीं रहता इसलिए ये अधिक स्वस्थ होता है.

हलाल (Halal) का अरबी मतलब है ‘जायज’, जिसमे जानवरों को धारधार हथियार से तीन बार गर्दन के हिस्से काटकर कलमा पढ़ा जाता है और उनका मांस प्राप्त किया जाता है. इस्लाम धर्म के अनुसार वह सिर्फ हलाल मीट ही खाते है.

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झटका (मांस) मीट क्या है – What is Jhatka Meat in Hindi :

झटका मांस, झटका पद्धति द्वारा पाया गया मांस है. जिसमे एक ही वार से जानवर को मार दिया जाता है. इस प्रोसेस से जानवर को दर्द का अनुभव तो कम होता है लेकिन रक्त को शव अर्थात मांस से बाहर अच्छे से नहीं निकाला जा पाता. जिसके कारण इसमें बैक्टीरिया का निर्माण अधिक होता है, इसलिए इससे मिलने वाला मांस अस्वस्थ मांस होता है. जानकारी के लिए बता दें मांसाहारी हिंदू और सिख समुदाय के लोग ‘झटका’ मीट खाते हैं.

हलाल और झटका मीट में अंतर – Difference Between Halal and Jhatka Meat :

1. हलाल मांस को इस्लामिक पद्धति माना गया है और झटका मांस को हिन्दू पद्धति।

2. हलाल मांस, झटका मांस की अपेक्षा अधिक स्वस्थ होता है क्यूंकि उसमे रक्त नहीं रहता, क्यूंकि रक्त वैक्टीरिया को बढ़ाता है.

3. हलाल मांस में जानवर को धीरे धीरे मारा जाता है, जबकि झटका में एक ही वार का प्रयोग कर के जानवर को मारा जाता है.

4. हलाल मांस के लोग अधिक खाना पसंद करते हैं, झटका मांस की अपेक्षा।

Difference Between Halal and Jhatka Meat
Difference Between Halal and Jhatka Meat

रेस्टोरेंट में नियम लागू, बताना होगा थाली में मीट ‘झटका’ है या ‘हलाल’? :

दिल्ली नगर निगम का मानना है कि हमारे क्षेत्र में हजारों रेस्टोरेंट हैं जिसमें अलग अलग तरह के डिश परोसे जाते हैं. लेकिन इन रेस्टोरेंट में कोई ये नहीं जान पाता कि ग्राहक को दिया जा रहा मांस ‘हलाल’ का है या ‘झटके’ का. अपने प्रस्ताव में दिल्ली नगर निगम ने कहा कि हिंदू धर्म में हलाल खाना मना है. इसलिए सारे रेस्टोरेंटों को निर्देश दिया जाता है कि वो अपने रेस्टोरेंटे के आगे अनिवार्य रूप से लिखें कि उनके यहां मिलने वाला मांसाहारी खाना ‘हलाल’ है या ‘झटका’.

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