जानिए किस तरह प्रेग्नेंसी में चमत्कारी फायदे करता है नारियल का तेल

गर्भावस्था में पौष्टिक आहार के लिए कोई जादुई फार्मूला नहीं है। अमूमन, हर वो चीज़ जो सामान्य व्यस्क महिला के उपयुक्त होती है,वह गर्भवती महिला के लिए सुरक्षित है। हालांकि, गर्भवती महिला पर शारीरिक रूप से अतिरिक्त दबाव होता है और अपने बढ़ते हुए शिशु को अधिक से अधिक पोषण प्रदान करने की ज़िम्मेदारी होती है, इसलिए ऐसी कुछ चीजें हो सकती है जिसकी चिंता महिलाओं को होती है और उन्हें संदेह रहता है। Pregnancy Mein Nariyal Tel Ke Fayede

पहले आप बिना किसी परेशानी के कुछ भी खा सकती थी, लेकिन अब आपको अपने भोजन संबंधी विकल्पों पर ध्यान देना पड़ता है,यह सुनिश्चित करने के लिए कि इससे आपके भीतर पल रहे शिशु को नुक्सान ना हो। ऐसे में कई गर्भवती महिलाओं के मन में नारियल तेल को लेकर कुछ सवाल होते हैं। जहां एक ओर आपकी सास और परिवार की अन्य महिलाएं आपको गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल का प्रयोग करने के लिए कहेंगी, वहीं कुछ इससे दूर रहने की सलाह देंगी। तो गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल की सच्चाई क्या है? क्या आपके और आपके बढ़ते शिशु के लिए कोई फायदा है?

क्या गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल सुरक्षित है?
गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल ना सिर्फ सुरक्षित बल्कि बहुत ही फ़ायदेमंद है। इसलिए, इसे खाना बनाने में खुलकर इस्तेमाल करने से हिचकिचाएं नहीं।

Pregnancy Mein Nariyal Tel Ke Fayede

गर्भावस्था के दौरान नारियल तेल के फ़ायदे:
गर्भवती महिलाओं के लिए नारियल तेल अद्भुत स्वास्थ्य लाभों से भरपूर है। यह है फायदों की सूची जो नारियल तेल गर्भवती स्त्री को प्रदान करता है।

एंटी-इंफेक्शन गुण –
नारियल तेल फंगल, वाइरल और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव करने के लिए लाभकारी होता है। गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक दिन सिर्फ दो टेबलस्पून आपके प्रतिरक्षा तंत्र को शक्ति प्रदान कर सकता है, जिससे आपको और आपके अजन्मे शिशु को ज़ुकाम, खांसी और अन्य समस्याओं से संरक्षण प्रदान होता है।

लारिक एसिड का उत्तम स्रोत –
स्तन के दूध के बाद नारियल तेल लारिक एसिड का सबसे उत्तम स्रोत है। लारिक एसिड गर्भावस्था के पहले और बाद दूध के उत्पादन में सहायक होता है ताकि आपके शिशु को उच्च गुणवत्ता वाला स्तन का दूध मिले, जो आपके शिशु को स्वस्थ रखे।

दुग्ध उत्पादों का प्रतिस्थापन –
सभी दुग्ध उत्पाद स्वास्थ्य लाभ से भरे होते हैं। हालांकि, हर कोई गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन नहीं कर सकता है। गर्भावस्था के दौरान भोजन को लेकर अजीब लालसा और नापसंदगी होती है। दुग्ध उत्पादों को लेकर नापसंदगी होना काफ़ी आम है, और वह जो दूध और दुग्ध उत्पादों का सेवन नहीं कर पाते हैं, उनके लिए लगभग समान गुणवत्ता वाला नारियल तेल सबसे बेहतर विकल्प है।

Pregnancy Mein Nariyal Tel Ke Fayede

गर्भावस्था के दुष्प्रभाव से बाहर आने में लाभकारी –
गर्भावस्था में कई समस्याएं साथ आती है, जैसे मार्निंग सिकनेस, कब्ज़ और हार्टबर्न। नारियल तेल गर्भावस्था के इन सभी दुष्प्रभावों का प्राकृतिक समाधान है। इस तेल का आपके पेट पर आरामदेह असर होता है और यह एसिड रिफ्लेक्स के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। गर्भावस्था में आपको नींद ना आना या थकावट भी हो सकती है। आप आंखों में आए डार्क सर्कल को कम करने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल आई क्रीम के तौर पर कर सकती हैं।

स्तनपान कराने वाली मां के लिए आरामदेह –
जब मां स्तनपान कराने का निर्णय लेती है, तो आने वाली समस्याओं में सबसे तकलीफदेह होता है निप्पल में सूजन और दर्द। नारियल तेल ऐसे में आरामदायक सिद्ध हो सकता है।।

सूखी जड़ों को पोषण प्रदान करना –
गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में होते उतार-चढ़ाव के कारण एक आम समस्या उत्पन्न होती हैं, वह है ड्राई स्केलप। आप नारियल तेल के साथ इस समस्या से निपट सकते हैं। सिर्फ थोड़ा सा तेल जड़ों पर लगाएँ और रात-भर के लिए छोड़ दें। इसके बाद आप इसे गुनगुने पानी से धो सकते हैं। यह जड़ों को पोषण प्रदान करता है और सूखी जड़ों की समस्या को दूर रखता है।

Pregnancy Mein Nariyal Tel Ke Fayede

स्ट्रेच मार्क्स का उपचार –
गर्भावस्था में आपके पूरे पेट पर स्ट्रेच मार्क्स हो सकतें हैं। आपके बढ़ते शिशु को व्यवस्थित करने के लिए आपकी त्वचा की मांसपेशियां फैलती है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स होते हैं। इससे शिशु के जन्म के बाद त्वचा ढीली हो जाती है, जिससे स्ट्रेच मार्क्स के निशान उत्पन्न होते हैं। नारियल तेल के गुण गर्भावस्था के दौरान त्वचा को माइश्चुराइज बनाने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है।

सबसे बेहतर बात यह है कि आप शिशु के जन्म के बाद भी नारियल तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसे नैपी रैशेस और क्रैडल कैप का उपचार करने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। यह तेल शिशु के लिए अद्भुत मालिश तेल साबित हो सकता है। पोषण आपके शिशु की त्वचा में समाते है और उन्हें मजबूत मांसपेशियां और हड्डी बनाने में मदद करता है।

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