मोजे में ही गिफ्ट क्यों बांटते हैं सांताक्लाज, जानिए रहस्य

0
88

हेल्लो दोस्तों क्रिसमस के त्योहार का हर किसी को इंतजार रहता है। क्रिसमस (Christmas) का त्योहार हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है। ये त्योहार ईसाई धर्म का सबसे खास पर्व माना जाता है।  ईसाई धर्म के इस मुख्य त्योहार को सभी धर्म के लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन ईसा मसीह जन्मे थे। इस त्योहार पर लोग कई तरह के खास काम करते है। लोग क्रिसमस पेड़ को सजाते हैं, एक दूसरे को गिफ्ट देते है और मिलकर भोजन करते हैं। खास कर इस त्योहार का छोटे बच्चों को इंतजार होता है। क्योंकि इस दिन उन्हें सांता क्लॉस की तरफ से दिये जाने वाले उपहारों का इंतजार रहता है। Why Celebrate Christmas Day

ये भी पढ़िए : इस क्रिसमस घर पर बनाएं ब्लैक फॉरेस्ट केक

सभी लोग त्‍योहार की तैयारियों में जुटे हैं. घर से लेकर ऑफिस तक क्रिसमस के रंग में रंग चुके हैं. सबको बेसब्री से संता का इंतजार है, लेकिन इस मौके पर आपने कभी ये सोचा है कि आखिर संता मोजे में ही तोहफे लेकर क्‍यों आते हैं? अगर नहीं तो हम आपको बताते हैं. दरअसल इसके पीछे भी एक दिलचस्‍प वाकया जुड़ा है. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह. सांता क्लॉस (Santa Claus) रात के 12 बजते ही बच्चों को क्रिसमस गिफ्ट बांटने निकलते हैं. वहीं कुछ घरों में परिवार के सदस्य ही सीक्रेट सांता क्लॉस बन कर बच्चों के तकिये के नीचे गिफ्ट रख देते हैं.

Why Celebrate Christmas Day
Why Celebrate Christmas Day

क्रिसमस कैसे मनाया जाता है :

क्रिसमस का त्यौहार को इस धर्म कई दिनों से मनाना शुरू कर देते हैं इस त्यौहार में चर्च को सजाया जाता है तथा जीसस की सुन्दर झांकियां सजाई जाती है लोग अपने घरों और अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान की साफ़ सफाई करते हैं और उसे सजाते हैं इस दिन लोग एक दुसरे को गिफ्ट देते हैं रात के समय क्रिसमस के पेड़ को विभिन्न प्रकार की लाइट से सजाते हैं और अपने घरों में जीसस की सुन्दर झांकियां भी सजाई जाती है सांताक्लाज बनकर बच्चों को गिफ्ट बांटना और क्रिसमस के पेड़ सजाना इस त्यौहार को ख़ास बना देती है.

तो इसलिए मोजे में ही गिफ्ट बांटते हैं सांताक्लाज :

सांता क्लॉस बच्चों को मोजे में रखकर गिफ्ट देते हैं. क्या आपके मन में कभी ये ख्याल आया कि सांता क्लॉस बच्चों को मोजे में ही गिफ्ट क्यों बांटते हैं. आइए जानते हैं सांता द्वारा मोजे में गिफ्ट बांटने के पीछे की दिलचस्प कहानी के बारे में.

पहले चौथी शताब्दी में एशिया माइनर में एक स्थान मायरा, जो कि अब तुर्की में है, में सेंट निकोलस नाम का एक आदमी रहता था. सेंट निकोलस बहुत धनवान व्यक्ति था लेकिन उसके माता-पिता की बचपन में ही मौत हो चुकी थी. सेंट निकोलस काफी दयावान था. वह अक्सर ही जरूरतमंद लोगों की बिना उनको बताए मदद किया करता था. वह एकदम चुपके से लोगों को तोहफे देता जिसे देखकर लोग खुश हो जाते.

ये भी पढ़िए : घर पर चॉकलेट केक बनाकर बच्चों और बड़ों को करें खुश

ये है रहस्य :

सेंट निकोलस को एक बार कहीं से पता चला कि एक गरीब आदमी की तीन बेटियां है, जिनकी शादियों के लिए उसके पास बिल्कुल भी पैसा नहीं है. ये बात जान निकोलस इस शख्स की मदद करने पहुंच गया. निकोलस एक रात इस आदमी की घर की छत में लगी चिमनी के पास पहुंचा और वहां से सोने से भरा बैग नीचे डाल दिया. उस दौरान इस गरीब शख्स ने अपना मोजा सुखाने के लिए चिमनी में लगा रखा था.

इस मोजे में अचानक सोने से भरा बैग उसके घर में गिरा. ऐसा एक बार नहीं बल्कि तीन बार हुआ. आखिरी बार में इस आदमी ने निकोलस को देख लिया. निकोलस ने यह बात किसी को न बताने के लिए कहा. लेकिन जल्द ही इस बात का शोर बाहर हो गया. उस दिन से जब भी किसी को कोई सीक्रेट गिफ्ट मिलता है सभी को लगता कि यह निकोलस ने दिया. धीरे-धीरे निकोलस की ये कहानी पूरी दुनिया में छा गई. इसके बाद पूरी दुनिया में क्रिसमस के दिन मोजे में गिफ्ट देने का रिवाज आगे बढ़ता चला गया.

Why Celebrate Christmas Day
Why Celebrate Christmas Day

क्रिसमस पर इन चीजों का होता है बहुत महत्व

प्रत्येक वर्ष 25 दिसंबर को ईसाइयों का प्रमुख त्योहार क्रिसमस मनाया जाता है। इस दिन ईसाई समुदाय के ​लोग गिरिजाघरों में जाकर प्रार्थना करते हैं और इस खास दिन को खुशियों के साथ सेलीब्रेट करते हैं। क्रिसमस पर कुछ खास चीजों का विशेष महत्व होता है, ये चीजें क्या हैं आइए आपको बताते हैं इनके बारे में…

  • गिरिजाघरों में प्रार्थना :- इस दिन ईसाई धर्म के लोग प्रभु इशु के सामने गिरिजाघरों में जाकर प्रार्थना करते हैं तथा की गई गलतियों के लिए माफ़ी मांगते हैं। अपने भगवान ईसा मसीह के गुणगान में वे सभी साथ मिलकर भजन भी गाते हैं।
  • क्रिसमस पर स्वादिष्ट पकवान – क्रिसमस के दिन ईसाई घरों में स्पेशल पकवान बनाए जाते हैं जिनमें स्मोक्ड टर्की, फ्रुअ केक, जेली पुडिंग आदि आदि शामिल हैं।
  • उपहार देना – क्रिसमस पर सेंटा क्लॉज सभी बच्चों को उपहार देता है। इसके अलावा, परिवार के लोग भी एक-दूसरे को उपहार देते हैं।
  • रिंगिंग बेल्स – यह एक प्राचीन परम्परा है जिसमें क्रिसमस के दिन घंटी को बजाया जाता है। इसे इसलिए बजाया जाता है ताकि लोगों के बीच प्यार, आशा और उल्लास बना रहे।
  • क्रिसमस ट्री – इस रीति को यूक्रेन में निभाया जाता है। कहा जाता है कि एक बार एक गरीब महिला के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो एक क्रिसमस ट्री को डेकोरेट कर पाएं। जब उसके बच्चे ने सुबह ट्री को देखा, तो वो पूरा वेब से कवर था जो कि सुनहरा और चांदी की तरह चमक रहा था।

‘संता क्‍लॉज’ भगवान का दूत है :

जबकि कुछ लोग कहते हैं ‘संता क्‍लॉज’ भगवान की ओर से भेजा गया दूत है, तो कुछ लोगों का मानना है कि ‘संता क्‍लॉज’ यीशु के पिता है और इसलिए अपने बेटे के जन्मदिन पर बच्चों को गिफ्ट देने आते हैं। ‘संता क्‍लॉज’ का आज का जो प्रचलित नाम है वह निकोलस के डच नाम सिंटर क्लास से आया है, जीसस और मदर मैरी के बाद संत निकोलस को ही इतना सम्मान मिला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here