Vijay Diwas 2021
Vijay Diwas 2021
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हेल्लो दोस्तों हमारे देश भारत में कई अद्भुत और वीर सैनिकों ने जन्म लिया है, जिनके विजय की गाथाएं शायद हमेशा सुनाई जाती रहेंगी। 26 जुलाई को जहां भारत में ‘कारगिल विजय दिवस’ (Kargil Vijay Diwas) के रूप में मनाया जाता है वही 16 दिसंबर (16 December) को भारत में ‘विजय दिवस’ (Vijay Diwas 2021) मनाया जाता है? इस वर्ष देश 51 वां विजय दिवस मना रहा है। विजय दिवस 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की विजय में भारतीय वीर पुरुषों की सेवा, वीरता और बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।

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1971 का 16 दिसंबर पाकिस्तान को हमेशा याद रहेगा आज के ही दिन पाकिस्तानी 93000 सैनिकों ने इंडियन आर्मी के सामने घुटने टेके थे और 16 दिसंबर के ही दिन भारत में पाकिस्तान के घमंड को चकनाचूर करते हो उसके दो टुकड़े कर दिए थे और बांग्लादेश की स्थापना हुई थी आज का दिन पाकिस्तान कभी नहीं भुला सकता वहीं भारत में 16 दिसंबर के दिन शौर्य दिवस विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है इंडियन आर्मी की यह बहुत बड़ी सफलता थी

युद्ध की कैसे तैयारी हुई थी पृष्ठभूमि? :

भारत के कुछ शहरों में 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी विमानों ने बमबारी शुरू कर दी। भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उसी वक्त आधी रात को ऑल इंडिया रेडियो के जरिए पूरे देश को संबोधित किया और कहा कि कुछ ही घंटों पहले पाकिस्तानी हवाई जहाजों ने हमारे अमृतसर, पठानकोट, फरीदकोट श्रीनगर, हलवारा, अम्बाला, आगरा, जोधपुर, जामनगर, सिरसा और सरवाला के हवाई अड्डों पर बमबारी की है। इसी प्रकार भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो गया है। युद्ध के तहत इंदिरा गांधी ने भारतीय सेना को ढाका की तरफ कूच करने का हुक्म दे दिया और भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी पकिस्तान के अहम ठिकानों और हवाई अड्डों पर बम बरसाने शुरू कर दिये।

4 दिसंबर, 1971 को ऑपरेशन ट्राईडेंट भारत ने शुरू किया। इस ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में समुद्र की और से पाकिस्तानी नौसेना को टक्कर दी। दूसरी तरफ पश्चिमी पाकिस्तान की सेना का भी मुकाबला किया। भारतीय नौसेना ने 5 दिसंबर, 1971 को कराची बंदरगाह पर बमबारी कर पाकिस्तानी नौसेना मुख्यालय को तबाह कर दिया था। इसी समय इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान को एक नया राष्ट्र बांग्लादेश के रूप में बनाने का एलान कर दिया था यानी अब बांग्लादेश एक नया राष्ट्र होगा। अब वो पकिस्तान का हिस्सा नहीं बल्कि एक स्वतंत्र राष्ट्र होगा।

Vijay Diwas 2021
Vijay Diwas 2021

पाक के घुटने टेके :

अप्रत्यक्ष रूप से इस युद्ध में अमेरिका और सोवियत संघ दोनों महाशक्तियां शामिल हुई थी। ये सब देखते हुए 14 दिसंबर को भारतीय सेना ने ढाका में पाकिस्तान के गवर्नर के घर पे हमला किया, उस समय पाकिस्तान के सभी बड़े अधिकारी मीटिंग करने के लिए इकट्टा हुए थे। इस हमले से पकिस्तान हिल गया और जनरल नियाजी ने युद्ध विराम का प्रस्ताव भेज दिया। परिणामस्वरूप 16 दिसंबर 1971 को दोपहर के तकरीबन 2:30 बजे सरेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई और उस समय लगभग 93,000 पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण किया था। इस प्रकार 16 दिसंबर, 1971 को बांग्लादेश का एक नए राष्ट्र के रूप में जन्म हुआ और पूर्वी पाकिस्तान, पाकिस्तान से आजाद हो गया।

यह युद्ध भारत के लिए ऐतिहासिक युद्ध माना जाता है। इसीलिए देशभर में भारत की पाकिस्तान पर जीत के उपलक्ष में 16 दिसंबर को ‘विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि वर्ष 1971 के युद्ध में तकरीबन 3,900 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और लगभग 9,851 घायल हुए थे।

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युद्ध के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य (Vijay Diwas important facts)

दिन था 16 दिसम्बर और वर्ष था 1971 भारत-पाक (Indo-pak) के बीच घमासान युद्ध चल रहा था जिसमें पाकिस्तानी सेना की हार हुई। 16 दिसंबर 1971 को ही ढाका में कुल 93000 पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा आत्मसमर्पण किया गया था। ऐसा नहीं था कि इस युद्ध में भारत को कोई नुक्सान नहीं हुआ, 13 दिनों के इस युद्ध में बहुत से भारतीय जवान शहीद वीर गति को प्राप्त हुए। आपको बता दें कि बांग्लादेश में हुआ यह समर्पण दुनिया के इतिहास में दो सबसे बड़े समर्पण में से एक था। पाकिस्तानी सेना का नेतृत्व कर रहे ले. जनरल एके नियाज़ी ने अपनी सम्पूर्ण सेना (93000 सैनिकों) के साथ भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी भारत के कमांडर ले. जनरल जगजीत सिंह अरोरा के सामने आत्मसर्पण किया और अपनी हार स्वीकार करी। इसी युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्‍तान अलग होकर बांग्‍लादेश बना था।

पहले निकाली जाती थी प्रभात फेरियां :

जब पाकिस्तान पर मिली यह जीत इतनी बड़ी थी कि पहले 16 दिसंबर को पूरे भारत में प्रभातफेरियां निकाली जाती थीं, इतना ही नहीं पूरे देश में जश्न मनाया जाता था। लेकिन अब समय बदल चुका है, अब न कोई जश्न मनाया जाता है न ही प्रभातफेरीया निकाली जाती है।

Vijay Diwas 2021
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ये हैं विजय दिवस के प्रमुख नायक (Vijay Diwas Heroes) :

● सेनाध्यक्ष सैम होर्मूसजी फ्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ (Chief of the Army Staff Sam Hormusji Framji Jamshedji Manekshaw) जिनके नेतृत्व में युद्ध की शुरुआत हुई।

● विजय दिवस के प्रमुख नायकों में शामिल है;कमांडर ले. जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा (Commander Lt. General Jagjit Singh Aurora) जिनके समक्ष पाकिस्तानी सेना ने हार मानी.

● मेजर होशियार सिंह (Hoshiar Singh Dahiya) जिन्हें उनके अद्भुत प्रक्रम के लिए याद किया जाता है, इन्हे परमवीर चक्र भी दिया गया।

● लांस नायक अलबर्ट एक्का (Lance Naik Albert Ekka) जिन्हें उनके प्रक्रम के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र का सम्मान दिया गया।

ऐसे बहुत से सैनिक थे जिनकी वीरता के कारण आज भी 16 दिसंबर विजय दिवस के रूप में याद किया जाता है और याद किया जाता रहेगा।

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Akanksha
मेरा नाम आकांक्षा है, मुझे नए नए टॉपिक पर आर्टिकल्स लिखने का शौक पहले से ही था इसलिए मैंने आकृति वेबसाइट पर लिखने का फैसला लिया !

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