हेल्लो दोस्तों पीरियड्स की बात आते ही सैनिटरी नैपकिन और टैम्पोन दिमाग में घूमने लगते हैं। ज्यादा फ्लो है तो पैड बदलने का टेंशन। दाग लग जाने का टेंशन। ऊपर से पैड्स खत्म हो जाने पर बार-बार मार्केट जाने का अलग टेंशन। हर महीने इसका एक अलग ही बजट बनाकर चलना पड़ता है। लेकिन अब बाजार में मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual Cup) के रूप में हर महीने के इस खर्चे से बचने का एक हाइजीनिक तरीका मौजूद है। जिसकी जानकारी अब भी बहुत-सी महिलाओं को कम ही है। तो आज हम आपको मेंस्ट्रुअल कप (How To Use Menstrual Cup) के बारे में बताते हैं। ताकि आप भी अपने पीरियड्स को और अच्छी तरह से हैंडल करने का तरीका जान सकें।

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क्या होता है मेंस्ट्रुअल कप कप ? (What Is A Menstrual Cup in Hindi?) :

मेन्सट्रुअल कप एक रबर, सिलिकाॅन या लैटेक्स से बना एक छोटा, लचीला ‘फेनल’ यानि कोन के आकार का कप होता है, जिसे महिलाएं अपने वैजाइना यानि योनि में डालती हैं। इससे पीरियड्स या माहवारी का सारा ब्लड या रक्तस्राव इसी में इकट्ठा हो जाता है। मेंस्ट्रुअल कप में माहवारी के अन्य दूसरे तरीकों यानि सैनिटरी पैड और टैम्पोन की तुलना में अधिक ब्लड आ जाता है, जिससे कई महिलाओं के लिए यह अधिक उपयोगी साबित होता है।

यह रीयूजेबल यानि पुन: प्रयोज्य कप है जो 250 से लेकर 500 रूपए में आ सकता है, और यह 10 साल तक चल सकता है। इसलिए यह पैसे भी बचाता है और पर्यावरण भी। हालांकि ये लाभ डिस्पोजेबल ब्रांडों पर लागू नहीं होते हैं। एक मासिक धर्म कप 1 औंस तरल पदार्थ रख सकता है, यह लगभग सुपर-शोषक टैम्पॉन या पैड की मात्रा मैं दोगुना है। इसे आपको भारी प्रभाव के दिनों में आराम महसूस होता है।

How To Use Menstrual Cup
How To Use Menstrual Cup

कैसे करना है इस्तेमाल? (How To Use Menstrual Cup?) :

चलिये जानते है मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल (menstrual cup use in hindi) कैसे करते हैं? मेंस्ट्रुअल कप को पहले C-शेप में फोल्ड करें, फिर वैजाइना में इंसर्ट कर लें। इसे लगाते ही ये आपकी वैजाइना की बाहरी लेयर में फिट हो जाता है। यानि ये आपके वैजाइना को पूरी तरह से सील कर देगा। इसे लगाने के बाद हाथ से हल्का घुमाकर देखें। अगर अच्छे से फिट हो गया होगा तो आसानी से घूम जाएगा। इसे एक बार लगाने के बाद कैसा भी फ्लो हो 12 घंटे तक इसे बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।

कप को कैसे निकालें और खाली करें –

मेंस्ट्रुअल कप को हटाने के लिए सबसे पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं। अब साफ हाथों से, धीरे-धीरे कप के तने को तब तक खींचें जब तक कि आप कप के आधार तक न पहुंच जाएं। संक्शन को छोड़ने के लिए आधार को पिंच करें और इसे धीरे-धीरे बाहर निकालें।

जब आपने अपना कप हटा दिया है, तो इसे बाथरूम में खाली कर दें, और इसे पानी से धोएं । यदि आपके पास पानी तक पहुंच नहीं है, तो आप इसे कुछ टिश्यू पेपर से साफ कर सकते हैं या इसे खाली करने के बाद इसे सीधे फिर से डाल सकतें हैं। लेकिन जैसे ही मौका मिले आपको इसे जरुर धोना है। मेंस्ट्रुअल कप साफ गर्म पानी में स्टरलाईज करें और धोने के बाद आप इसे दुबारा इस्तेमाल कर सकती हैं।

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मेन्सट्रुअल कप इस्तेमाल करने के पहले जान लें यह तथ्य :

यह मेडिकल ग्रेड सिलिकाॅन, रबर या लैटेक्स का बना हुआ होता है और कप ब्लड को अवशोषित करने यानि सोखने या एबसाॅर्ब करने की बजाय इकट्ठा कर लेता है।

मेन्सट्रुअल कप को वैजाइना यानि योनि में इंसर्ट किया जाता है। हर 4 से 12 घंटे के अंतर पर इसे खाली करना होता है।

सेनेटरी पैड और टैम्पोन की तुलना में कप को रक्त एकत्र करने में बेहतर प्रभावी पाया गया है।

मासिक धर्म के समय प्रयोग में आने वाली चीजें जैसे, सेनेटरी पैड और टैम्पोन से पृथ्वी पर बहुत सारा कचरा बढ़ता होता है। दूसरी ओर, 1 मेन्सट्रुअल कप कम से कम 3 साल तक चलता है। तब जाकर कहीं इसे बदलने की आवश्यकता पड़ती है।

मेन्सट्रुअल कप सभी औरतों का शेप उम्र और वर्ग के हिसाब से अलग होता है। वर्ग यानि जिनके बच्चे हैं और जिनके नहीं, उस हिसाब से दोनों के शरीर की बनावट अलग होती है। लिहाजा इनमें दो साइज आते हैं, एक 30 से कम उम्र की महिलाओं के लिए जो कभी प्रेग्नेेंट ना हुई हों। दूसरा, 30 से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए, जो प्रेग्नेंट हो चुकी हों।

हर बार इस्तेमाल करने के पहले इन्हें अच्छे से साफ करना जरूरी है। वो क्या है ना, कि अगर आप इनको अच्छी तरह से साफ नहीं करेंगी तो इनमें बैक्टीरिया उत्पन्न हो सकते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। खुशबूदार साबुन वगैरह से इन्हें साफ ना करें।

आप मेन्सट्रुअल कप को एक साथ 12 घंटे के लिए लगाकर रख सकती हैं, वो भी बिना लीकेज।

एक मेन्सट्रुअल कप एक बार में 30 एमएल तक की कैपेसिटी रखता है। जबकि औसतन एक महिला को पूरी पीरियड साइकिल में टोटल 30 से 40 एमएल तक का प्रवाह ही आता है।

How To Use Menstrual Cup
How To Use Menstrual Cup

मेन्सट्रुअल कप को इस्तेमाल करने के फायदे (Benefits Of Menstrual Cup):

1- एक मेंस्ट्रुअल कप कई साल तक काम करता है। यानि हर महीने महंगे सैनिटरी नैपकिन के खर्चे से राहत।

2- बार-बार बदलने का झंझट नहीं।

3- किसी भी पोजीशन में सोने की आजादी।

4- टैम्पोन में कप के मुकाबले ज्यादा केमिकल होते हैं, यानि कप इस्तेमाल करने से बीमारियों का डर कम। बस इसकी साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा।

5- बार-बार पीछे मुड़कर दागा देखने का टेंशन नहीं, ना ही भारी फ्लो के वक्त परेशान होने का टेंशन।

6- क्योंकि एक ही मेंस्ट्रुअल कप कई साल चल जाता है, तो हर बार माहवारी के शुरू होते ही मेडिकल स्टोर भागने की चिंता नहीं।

7- किसी रिश्तेदार या कहीं बाहर जाने पर पैड बदलने या उसे फेंकने का टेंशन नहीं।

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मासिक धर्म कप के साइड इफेक्ट :

आईयूडी में हस्तक्षेप कर सकता है –
यदि आपको इंट्रायूटरिन डिवाइस आईयूडी (Intrauterine device IUD) डाला गया है तब मासिक धर्म कप का उपयोग जोखिम का कारक हो सकता है। क्योंकि हो सकता है कप आईयूडी की स्ट्रिंग को खींचने या इसे हटाने की स्तिथि बना दे। दोनों के संयोजन से पहले अपने डॉक्टर से बात करना एक अच्छा विचार है।

जलन पैदा कर सकता है –
मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में इरिटेशन या जलन की समस्या ज्यादा पाई जाती है उन महिलाओं की तुलना में जो पेड या टेंपोन यूज़ करती हैं। इस कप को योनी में डालने से पहले आपका हाथ धोना महत्वपूर्ण है। इसके दो बार उपयोग के बीच अच्छी तरह से साफ करना ज़रूरी है, और दिन में दो से तीन बार खाली करना महत्वपूर्ण है।

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