Hing ke fayde aur nuksan in hindi
Hing ke fayde aur nuksan in hindi

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हेल्लो दोस्तों हींग (Hing or Asafoetida) का उपयोग मसाले के रूप में हर घर की रसोई में होता है। विशेष कर दाल के छोंके में हींग मिलाकर एक शानदार फ्लेवर बनाया जाता है जो दाल का स्वाद तो बढ़ाता ही है, साथ ही दाल को सुपाच्य भी बनाता है। दाल खाने के बाद पेट में बनने वाली गैस हींग के प्रभाव से शांत होती है। हालांकि यह प्रभाव लहसुन भी देता है किन्तु जो लोग लहसुन नहीं खाते उन्हें लहसुन के फायदे हींग से मिल सकते है। सामान्य व्यक्ति को हींग की मात्रा दवा के रूप में भी एक दिन में 250 मिली ग्राम से ज्यादा नहीं लेनी चाहिए।

आयुर्वेद में हींग को बहुत फायदेमंद बताया गया है। भारतीय खाना में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए हींग का तड़का लगाया जाता है। हींग की खुशबू बहुत तेज और मनमोहक होती है। अगर आप रोजाना अपने खाने में सिर्फ 1 चुटकी हींग का इस्तेमाल करें, तो बहुत सारी बीमारियों से हमेशा बचे रहेंगे। हींग पेट, लिवर और आंखों के लिए फायदेमंद होती है। आइए आपको बताते हैं कि हींग क्या है, अच्छी हींग महंगी क्यों है और रोजाना हींग का सेवन करना आपकी सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है।

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क्या है हींग

हींग के पौधे (hing plant) पांच फुट तक ऊँचे हो सकते हैं। इनका तना कोमल होता है। यह सौंफ के बड़े पौधे जैसा दिखता है। इसमें पीले रंग के फूल गुच्छे के रूप में टहनी के अंत में लगते है। और गाजर कुल के अन्य पौधों के तरह छतरी की तरह निकलते हैं। इसकी जड़ें गाजर की तरह कन्द होती हैं। इसकी जड़ से हींग प्राप्त होती है। हींग, तेल और रालयुक्त पेड़ का गोंद है जिसे इंग्लिश में ओले-गम-रेसिन कहते हैं।

जब हींग के पौधे की जड़ एवं तने पर चीरा लगाते हैं तो यह सूख कर गोंद जैसा हो जाता है, यही गोंद हींग है। हींग स्वाद में कड़वी और गंध में अप्रिय होती है। इसमें तेज गंध आती है जो असहनीय होती है। हींग के फल अज्जूदान कहलाते हैं। पत्तो का भी साग बनाकर खाया जाता है। इसकी तेज गंध के कारण इसे इंग्लिश में डेविल डंग यानि राक्षस का गोबर कहते है। एक पेड़ से लगभग 100 ग्राम से लेकर 300 ग्राम तक हींग प्राप्त हो सकती है।

Hing ke fayde aur nuksan in hindi
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कैसे बनती है हींग

हींग के पौधे से हींग प्राप्त करने के लिए, मार्च-अप्रैल में तैयारी करनी होती है इसके लिए पौधे पर फूल आने के पहले, जड़ों के पास की मिट्टी को खुरच कर हटा लिया जाता है। इससे जड़ें बाहर दिखने लगती है। इसके बाद जड़ के कुछ ऊपर, तने से पौधा पूरा काट दिया जाता है। कटे तने से सफ़ेद रंग का गाढ़ा स्राव निकलने लगता है। इस पर धूल-मिट्टी न जमे इसलिए इन्हें ढक दते हैं।

कुछ दिनों के बाद, निकले पदार्थ को खुरच कर रख लेते हैं तथा दूसरा कट लगा देते हैं, जिससे नया निर्यास मिल सके। इस तरह कुछ महीने हींग को इकठ्ठा करते हैं जब तक स्राव होना बंद न हो जाए। बाज़ार में कई प्रकार की हींग उपलब्ध है। इनमे से हीरा हींग सबसे उत्तम मानी जाती है। महंगी होने से बहुत से नकली और घटिया गुणवत्ता की हींग भी मार्किट में उपलब्ध है।

हींग के गुण और पोषक तत्व

आयुर्वेद के अनुसार हींग पित्त प्रधान और गर्म तासीर वाली होती है। हींग पर की गई रिसर्च के अनुसार इसमें फेरूलिक एसिड , अल्फ़ा पायनिन, टरपीनेयोल, ल्युटेलिन, एजुलीन आदि तत्व होते है। इसलिए हींग अपने आप में एक प्रभावकारी दवा है। इसके अलावा हींग में कई विटामिन और खनिज जैसे कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, केरोटीन, राइबोफ्लेविन, और नियासिन आदि भी पाए जाते हैं। हींग में फेरूलिक एसिड नामक फीटो केमिकल की अधिक मात्रा का होना हींग के औषधीय गुण का मुख्य कारण होता है।

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हींग इतना महंगा क्यों होता है?

हींग महंगा क्यों होता है? इसके लिए 2 महत्वपूर्ण कारण है। वह कारण कौन-कौन से है, आइए जानते हैं।

  1. हींग को खेतों में उगाना काफी लंबी प्रक्रिया है। दरअसल, एक बार हींग के बीज को खेत में लगाने के बाद उसके पौधे को तैयार होने में 4 से 5 साल लगता है। एक पौधा से करीब आधा किलो जितना हींग का उत्पादन होता है। यही कारण है कि हींग कितना महंगा होता है।
  2. महंगा होने की दूसरी बड़ी वजह यह है कि भारत में इसकी खेती ना के बराबर है। हमें हींग के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसीलिए हींग इतना महंगा है।

भारत में हींग कहाँ उगाया जाता है

आपको जानकर बहुत बड़ा झटका लगेगा कि हमारा देश कृषधान होते हुए भी हींग का उत्पादन लगभग ना के बराबर होता है। BBC के एक रिपोर्ट में कहा गया कि “भारत में अधिकांश हींग ईरान, इराक, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान से आता है”। पिछले कुछ वर्षों से भारत में भी हींग की खेती छोटे पैमाने पर शुरू हो गई है। वर्तमान समय में भारत में पंजाब, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर, लद्दाख कुछ क्षेत्रों में हींग की खेती होती है।

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असली हींग की पहचान

हींग सावधानी से खरीदनी चाहिए। बाजार में खुले में बिकने वाली हींग नकली भी हो सकती है। असली हींग की पहचान करने के तरीके से असली हींग और नकली हींग में फर्क मालूम चलता है तथा हींग में मिलावट हो तो उसका भी पता लगाया जा सकता है। असली हींग की पहचान इस प्रकार की जा सकती है :

असली हींग की पहचान करने के लिए हींग को पानी में घोलना चाहिए। पानी का रंग दूध जैसा सफ़ेद हो जाये तो हींग को असली समझना चाहिए।

माचिस की जलती हुई तीली हींग के पास लाने से चमकदार लौ निकलती है तथा यह पूरी तरह जल जाती है। नकली हींग के साथ ऐसा नहीं होता।

नकली हींग में गंध के लिए एसेंस मिलाया जाता है। यदि हींग की गंध वक्त के साथ जल्दी ही ख़त्म हो जाती है तो हींग नकली होती है।

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हींग के फायदे

हींग के कई फायदे (Hing ke fayde) हैं, जो हमारे स्वास्थ्य में लाभदायक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महर्षि चरक के अनुसार हींग दमा के रोगियों के लिए रामबाण औषधि, कफ का नाश करने वाली, गैस की समस्या से राहत देने वाली, मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद व आंखों के लिए भी बेहद लाभदायक होती है। पुराने समय में लोग हींग को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग करते थे। शायद आपको ये बात जाकर हैरानी होगी कि हींग का प्रयोग कई दवाओं में भी किया जाता है। आइए जानते हैं हींग (Hing) के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में  –

पाचन के लिए

हींग का उपयोग पुराने समय से पेट के रोगों के लिए किया जाता रहा है। इसके तत्व पेट के गैस, पेट के कीड़े, पेट फूलना आदि में लाभदायक होते है। पेटदर्द व गैस होने पर हींग, अजवायन, और काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी से लेने से तुरंत आराम मिलता है। छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर गुनगुने पानी में हींग घोलकर नाभि के आसपास लगाने से पेट की गैस निकल जाती है और पेटदर्द ठीक हो जाता है।

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डायबिटीज रोगियों के लिए

डायबिटीज के रोगियों के लिए हींग काफी अच्छा माना जाता है। हींग में एंटी-डायबिटिक प्रभाव पाया जाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल कम होता है। हींग के तत्व रक्त में शक्कर की मात्रा कम करने में सहायक होता है। यह पेंक्रियास को अधिक इन्सुलिन का स्राव करने में मदद करता है। अगर डायबिटीज के रोगी अपने खाने में हींग का सेवन करें, तो उनके ब्लड में शुगर लेवल मेंटेन रहता है।

दर्द निवारक के तौर पर

हींग दर्द कम करने में मददगार होती है। विशेषकर महिलाओं को माहवारी के समय होने वाले दर्द में इससे बहुत आराम मिलता है। इसके अलावा दांत का दर्द , माइग्रेन या अन्य सिरदर्द में भी इससे आराम मिल सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में एक चुटकी हींग मिलाकर उबाल लें। इसे गुनगुना पीने से लाभ होता है। दांत में दर्द हो तो हींग को नीबू के रस में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे दांत पर लगाने से दर्द कम होता है।

जोड़ों में दर्द होने पर आप एक गिलास पानी में मूंग के बराबर हींग डालकर उबाल लें। जब हींग पूरी तरह घुल जाये तो इसे गुनगुना करके पी लें। इस प्रयोग से कुछ दिन में आपको दर्द, जॉइंट पेन तथा सूजन आदि में आराम मिलता है।

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यौन समस्या होने पर

पुरुषों में होने वाली यौन सम्बन्धी समस्या जैसे नपुंसकता, शीघ्रपतन, शुक्राणु में कमी आदि में हींग लाभदायक हो सकती है। खाने में इसका नियमित उपयोग करने से यौन समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा एक गिलास गर्म पानी में हींग मिलाकर पीने से भी यौन शक्ति में फायदा मिलता है। इससे पुरुष और महिला के यौन अंगों में खून का दौरा बढ़ जाता है और यौन सम्बन्ध बनाने में रुचि भी बढ़ती है।

ह्रदय रोग में लाभकारी

हींग में पाया जाने वाला क्यूमेरिन नामक तत्व खून को पतला करता है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल व ट्राई ग्लिसराइड को कम करती है जिससे इससे खून का थक्का नहीं बनता। इस प्रकार इसके उपयोग से ह्रदय रोग से बचाव होता है।

Benefits Of Hing in Hindi
Benefits Of Hing in Hindi

सांस की बीमारियां में

खांसी की समस्या है तो हींग का सेवन फायदेमंद हो सकता है। हींग सामान्य खांसी, सूखी खांसी, इंफ्लूएंजा, ब्रोन्काइटिस और अस्‍थमा जैसी बीमारियों को दूर रखती है। दाल, सांभर, सब्जी आदि में हींग का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। सांस की बीमारियां होने पर हींग में थोड़ा पानी मिलाकर सीने पर लगाने से भी आराम मिलता है।

पीरियड्स के दर्द को करे कम

कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द का सामना करना पड़ता है। इसके लिए आप पीरियड्स के दौरान एक ग्लास छाछ में 2 चुटकी काला नमक और 1 चुटकी हींग मिलाकर पिएं। रोजाना हींग का सेवन ऐसे समय में होने वाले दर्द से भी आपको राहत दिलाता है। हींग प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन्स के उत्पादन में मदद करता है, जिससे ब्लड फ्लो आसानी से होता है।

सिरदर्द की समस्या

आमतौर पर सिर की धमनियों में होने वाली सूजन के कारण ही सिरदर्द की समस्या होती है। ऐसे में रोजाना हींग का सेवन आपको सिरदर्द की समस्या से भी बचा सकता है। अगर आपको तेज सिरदर्द हो रहा है, तो एक ग्लास पानी में 2 चुटकी हींग उबालें और गुनगुना हो जाने पर इसे दिन में दो बार पिएं। इसके अलावा सिरदर्द होने पर हींग को गर्म करके उसका लेप लगाने से भी फायदा होता है। दाल, सांभर व अन्य किसी रसदार सब्जी में हींग का इस्तेमाल किया जाता है।

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अन्य घरेलु उपाय

  • छाती में जमा कफ या कुकर खांसी होने पर आप हींग के साथ शहद और अदरक का उपयोग करें। इसके उपयोग से जमा कफ और कुकर खाँसी भी जल्दी ठीक होती है।
  • हींग बवासीर के लिए काफी अच्छा माना जाता है। हींग का लेप बवासीर वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है।
  • मकड़ी या किसी कीड़े के काटने या डंक मारने पर पके केले के टुकड़े के साथ चुटकी भर हींग निगलने से दर्द और सूजन में आराम आता है। मधुमक्खी डंक मार दे तो हींग को पानी में घिस पर गाढ़ा पेस्ट बना कर लगाने से आराम मिलता है।
  • अगर आपको बार बार हिचकी आती है तो पुराने गुड़ के साथ हींग खाएं, इससे हिचकी बंद होती है।
  • नीम की कोमल पत्ती और हींग को साथ में पीस कर लगाने से फोड़े, फुंसी, मुँहासे आदि ठीक हो जाते है। इससे दाद भी मिटते है।
  • हींग को पानी में घोलकर जले हुए स्थान पर लगाने से जलन में आराम आता है तथा फफोला नहीं पड़ता।
  • हींग में एंटीफंगल गुण होते है, जो अचार को लंबे समय तक अच्छा रखता है। अचार को फफूंदी से बचाने के लिए अचार भरे जाने वाले कंटेनर में हींग का धुआं कर लेना चाहिए फिर अचार भरना चाहिए। इससे अचार ख़राब नहीं होता। इसके अलावा अचार में हींग डालने से अचार का स्वाद बढ़ जाता है।
  • सांस संबंधी समस्या होने पर हींग का सेवन करना चाहिए। यह बलगम को दूर करता है और सीने को ठीक करता है। इसे खाने से खांसी व ब्रोंकाइटिस की समस्या में आराम मिलता है।
  • हींग पेट के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इसके रोजाना सेवन करने से पेट की समस्याएं जैसे पाचन, बदहजमी, पेट में गैस, पेट के कीड़े, ऐंठन और मरोड़ से होने वाले दर्द को भी दूर करती है।
  • कब्ज की शिकायत होने पर हींग के चूर्ण में थोड़ा-सा मीठा सोडा मिलाकर रात में सोने से पहले लीजिए। इससे सुबह आपका पेट साफ हो जाएगा और कब्ज की शिकायत समाप्त होगी।
  • दांतों की समस्या होने पर हींग बहुत लाभदायक मानी जाती है। अगर आपके दांतों में कीड़ा लग गया है तो रात में सोते वक्त दांतों में हींग दबाकर सोएं। ऐसा करने से कीड़े अपने-आप निकल जाएंगे।
  • अगर आपको भूख कम लगती है या भूख का अहसास भी नहीं होता है तो खाने से पहले घी में भुनी हुई हींग एवं अदरक का एक टुकड़ा मक्खन के साथ में लें, इससे भूख खुल जाएगी।
  • अगर आप पीलिया से ग्रसित हैं तो हींग को गूलर के सूखे फलों के साथ खाना चाहिए। इससे पीलिया में फायदा होता है इसके अलावा हींग को पानी में घिसकर आंखों पर लगाने से भी फायदा होता है।
  • कान में दर्द होने पर तिल के तेल में हींग को पकाकर उस तेल की बूंदों को कान में डालने से कान दर्द ख़त्म हो जाता है।
  • अगर अचानक उल्टी आती है या लगातार उल्टी होती है तो हींग को पानी में पीसकर पेट पर लगा लें, इससे काफी फायदा होता है।
  • चर्म रोगों जैसे दाद, खाज, खुजली में हींग लगाना बहुत फायदेमंद होती है। इसके लिए हींग को पानी में घिसकर उन स्थानों पर लगाने से चर्मरोग में पूरी तरह आराम मिलता है।
  • अगर किसी खुले जख्म पर मवाद या कीड़े पड़ गए हों, तो उस जगह पर हींग का चूर्ण लगाने से कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

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हींग के नुकसान

  • हींग की तासीर गर्म होती है। इसलिए पित्त प्रकृति वाले लोगों को सावधानी के साथ हींग का उपयोग करना चाहिए।
  • शरीर में रक्तस्राव होने की संभावना हो या जलन होती है तो हींग का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • अगर एसिडिटी या पेट में अल्सर आदि परेशानी हो तो हींग नहीं लेनी चाहिए।
  • यह रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है। इसलिए आपरेशन से पहले 2 सप्ताह तक या बाद में हींग नहीं लेनी चाहिए।
  • गर्भावस्था में हींग नहीं लेनी चाहिए क्योंकि यह गर्म होती है। यह गर्भाशय में आकुंचन (Contraction) पैदा कर सकती है। जिसके कारण गर्भपात भी हो सकता है अतः सावधान रहें।
  • हींग की तासीर गरम होती है अतः यदि हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर मरीज हो और दवा ले रहे हैं तो हींग के उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। यह ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है।
  • स्तनपान कराने वाली माँ को हींग नहीं लेनी चाहिए। क्योंकि इसके तत्व माँ के दूध में जा सकते है, जो शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • पाँच साल से छोटे बच्चों को हींग नहीं देनी चाहिए। हींग के ज्यादा सेवन से कुछ लोगों को होठों पर सूजन की समस्या हो सकती है।

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