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हार्मोन की हमारे शरीर में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है। यह हमारे शरीर की ज्यादातर क्रियाओं को संचालित करते है जिसके कारण हम संवेदनाओं का अनुभव कर पाते हैं। स्त्री और पुरुष दोनों के शरीर में हार्मोन्स का संतुलन होना बेहद जरूरी माना जाता है। हार्मोन्स की कमी होने पर व्यक्ति कई विकारों से घिर जाता है और फिर वह गंभीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है। महिलाओं के शरीर में हार्मोन्स की कमी होने से कई बार उन्हें यौन समस्याएं तो आती ही हैं साथ में वे बांझपन का भी शिकार हो जाती हैं। इसलिए महिलाओं के शरीर में हार्मोन का स्तर कम होना काफी चिंताजनक माना जाता है। इस लेख में हम आपको महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने के घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। Female Harmons Badhane Ke Upay

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हार्मोन संतुलन है जरूरी

हार्मोन असंतुलन होने पर कई प्रकार की स्‍वास्थ्‍य संबंधित समस्‍यायें हो जाती हैं। हार्मोंस न सिर्फ शरीर की वृद्धि और विकास को प्रभावित करते हैं, बल्कि सभी तंत्रों की गतिविधियों को नियंत्रित भी करते हैं। स्‍वस्‍थ रहने के लिए जरूरी है कि हमारे शरीर में हमारे शरीर में हार्मोन का संतुलन बना रहे। हार्मोन्स शरीर को ही नहीं मस्तिष्क और भावनाओं को भी प्रभावित करते हैं। खानपान में अनियमितता, व्‍यायाम की कमी, तनाव आदि के कारण इसमें असंतुलन हो जाता है। इसे संतुलित रखना बहुत मुश्किल नहीं है। आसान तरीकों से आप इसपर नजर रख सकते हैं।

हार्मोन के बारे में जानिये

हार्मोन किसी कोशिका या ग्रंथि द्वारा स्नवित ऐसे रसायन हैं जो शरीर के दूसरे हिस्से में स्थित कोशिकाओं को प्रभावित करते हैं। शरीर का‍ विकास, मेटाबॉलिज्म और इम्यून सिस्टम पर इनका सीधा प्रभाव होता है। हमारे शरीर में कुल 230 हार्मोन होते हैं, जो शरीर की अलग-अलग क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। हार्मोन की छोटी-सी मात्रा ही कोशिका के मेटाबॉलिज्म को बदलने के लिए पर्याप्‍त है। यह एक केमिकल मैसेंजर की तरह एक कोशिका से दूसरी कोशिका तक निर्देश पहुंचाते हैं। अधिकतर हार्मोन्स का संचरण रक्त के द्वारा होता है। कुछ हार्मोन दूसरे हार्मोन को भी नियंत्रित करते हैं।

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हार्मोन कमी के कारण

  • डायबिटीज, हाइपोथॉयराडिज्म, हार्मोन थेरेपी और ट्यूमर के कारण।
  • कुछ दवाओं के सेवन से भी हार्मोन घट जाता है।
  • अधिक तनाव, चिंता, डिप्रेशन, खाने की समस्या के कारण।
  • चोट लगने, कैंसर के इलाज, मेनोपॉज के कारण।
  • गर्भावस्था, स्तनपान, गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन के कारण।
  • पॉलीसिस्टिक ओवेरियल सिंड्रोम (PCOS) के कारण।

महिला हार्मोन बढ़ाने के उपाय

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अश्वगंधा

महिलाओं को अपने शरीर में हार्मोन का स्तर बढ़ाने के लिए रोजाना अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए। यह एक अनुकूल जड़ी बूटी है जो हार्मोन के असंतुलन को दूर कर शरीर में हार्मोन के स्तर को बराबर करने में मदद करता है। प्रतिदिन दिन में तीन बार गुनगुने पानी से अश्वगंधा पाउडर या अश्वगंधा सप्लीमेंट्स का सेवन करें। यह थॉयराइड हार्मोन के असंतुलन को ठीक कर देता है और उसकी क्रियाओं को सक्रिय करने में मदद करता है। शरीर में हार्मोन बढ़ाने के साथ ही यह महिलाओं में सेक्स की इच्छा को भी बढ़ाता है।

लहसुन

प्राचीन समय से ही लहसुन का प्रयोग एक बेहतर यौन जीवन के लिए किया जाता रहा है। इसका अर्थ यह है कि यदि आपको सेक्स की इच्छा जागृत होती है और किसी तरह की यौन समस्या नहीं है तो आपके शरीर में हार्मोन का स्तर भी ठीक है। वास्तव में लहसुन खाने से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ता है जिसके कारण आप लंबे समय तक बिस्तर पर पार्टनर का साथ दे सकती हैं। लहसुन में आइसोफ्लेवोनेज पाया जाता है जो हार्मोन का स्तर बढ़ाने में मदद करता है। आप लहसुन को घी में उबालकर, सॉस, सलाद, पास्ता आदि के रूप में भी खा सकती हैं।

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हरी बीन्स

माना जाता है कि महिलाओं को अपने शरीर में हार्मोन के स्तर को बढ़ाने के लिए हरी बीन्स जरूर खानी चाहिए। हरी बीन्स में बहुत ही कम मात्रा में कैलोरी होती है और काफी उच्च मात्रा में पोषक तत्व पाये जाते हैं। इसके अलावा यह आयरन का भी एक बढ़िया स्रोत है जो तेजी से महिलाओं के शरीर में हार्मोन के असंतुलन को दूर करता है और प्रजनन दर को भी बेहतर बनाता है। आप इसे सब्जी, सूप, सलाद, फ्राइड राइस में इस्तेमाल करके खा सकती हैं।

सोया

एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाने के लिए सोया बहुत ही अधिक फायदेमंद होता है। सोया में फाइटोस्ट्रोजन पाया जाता है जिसे आइसोफ्लेवोनेस भी कहते हैं जो शरीर में एस्ट्रोजन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।महिलाएं अपने शरीर में एस्ट्रोजन और अन्य जरूरी हार्मोन्स के लेवल को बढ़ाने के लिए सोयाबीन के दाने को भूनकर या भीगोकर स्प्राउट्स के रूप में खा सकती हैं। हेल्दी पोषक तत्वों से युक्त होने के कारण यह तेजी से शरीर में हार्मोन का लेवल बढ़ाता है।

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अलसी

एक स्टडी में पाया गया है कि महिलाओं के शरीर में हार्मोन के असंतुलन को दूर करने और हार्मोन के लेवल को बढ़ाने के लिए अलसी बहुत फायदेमंद होती है। वास्तव में अलसी में सोयाबीन से तीन गुना ज्यादा फाइटोएस्ट्रोजन पाया जाता है और यह डाइटरी फाइबर एवं ओमेगा 3 फैटी एसिड का भी एक बेहतर स्रोत है जो हार्मोन बनाने में प्रभावी तरीके से काम करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को घटाता है। अलसी के पाउडर को आप दही, ओटमील, स्प्राउट्स में मिलाकर खा सकती हैं।

एवोकैडो

नियमित रूप से एक एवोकैडो सलाद के रूप में खाने से भी महिलाओं के शरीर में हार्मोन बढ़ता है। एवोकैडो को पीसकर दूध में एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता है। एवोकैडो मोनोसैचुरेटेड, पॉली अनसैचुरेटेड और संतृप्त फैटी एसिड का बढ़िया स्रोत है। इसमें एंटी इंफ्लैमेटरी गुण भी पाया जाता है जो हार्मोन की कमी की समस्या को दूर करता है। रोजाना एवोकैडो खाने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों की सप्लाई होती है जिससे कि हार्मोन का लेवल बढ़ता है।

सौंफ का तेल

कुछ बूंद सौंफ के तेल को एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से महिलाओं के शरीर में हार्मोन का लेवल बढ़ता है। इसके अलावा सौंफ के तेल से पेट और पैरों के तलवों में मसाज करने से भी शरीर में हार्मोन बढ़ता है। सौंफ के तेल में कुछ ऐसे गुण पाये जाते हैं जो हार्मोन ग्रंथियों की क्रियाओं को बेहतर बनाते हैं जिसके कारण महिलाओं में हार्मोन असंतुलन की समस्या दूर हो जाती है।

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टहलने से

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिदिन सुबह टहलने से महिलाओं के शरीर में हार्मोन की समस्या नहीं होती है। सुबह के समय टहलने से मन तरोताजा होता है जिसके कारण स्ट्रेस और चिंता की समस्या खत्म हो जाती है। टहलना न सिर्फ स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होता है बल्कि यह हार्मोन के स्तर को भी बढ़ाने में मदद करता है। डॉक्टर आमतौर पर हर महिला को नियमित 20 से 30 मिनट टहलने की सलाह देते हैं।

भुजंगासन

इस आसन को कोबरा पोज (Cobra Pose) के नाम से भी जाना जाता है। भुजंगासन एड्रिनल ग्रंथि की मसाज करने में मदद करता है और इस ग्रंथि की क्रियाओं को भी बेहतर बनाता है जिसके कारण शरीर में हार्मोन का लेवल बढ़ता है। भुजंगासन पोज में थॉयराइड का भी मसाज होता है और चिंता और तनाव से मुक्ति मिलती है। महिलाओं को अपने शरीर में हार्मोन बढ़ाने के लिए रोज तीन से छह बार कम से कम एक मिनट तक भुजंगासन जरूर करना चाहिए।

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