करवा चौथ का व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है। इतन ही नहीं कुवांरी कन्याएं भी मनचाहा पति पाने के लिए इस व्रत को रखती है। इस व्रत में चंद्रमा को अर्ध्य देने के बाद छलनी से चंद्रमा से देखने के बाद पति को देखते है। इसके बाद पति अपने पत्नी को अपने हाथों से पानी पिलाकर व्रत खुलवाते हैं। Karvachauth Par Na Kare Ye Kaam

हिंदू धर्म में पति-पत्नी का नाता सात जन्मों तक का माना जाता है। इसमें आनंद रहे, इसलिए दोनों की सेहत अच्छी होना बहुत जरूरी है। देखा जाए तो यह व्रत महिलाएं ही करती हैं। इस व्रत में सास सूर्योदय से पूर्व अपनी बहु को सरगी के माध्यम से दूध, सेवई खिलाती है, नारियल का पानी भी पिलाती है और श्रृंगार की वस्तुएं, साड़ी, जेवर आदि करवा चौथ पर देती है।

करवा चौथ के दिन बहुत ही विधि-विधान के साथ पूजा और नियम मानने पड़ते, नहीं तो उसका फल नहीं मिलता है। ऐसे ही कुछ काम है जो इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

चंद्रमा देखने से पहले महिलाओं को मां गौरी की पूजा जरुर करना चाहिए। इसके साथ ही भोग हलवा का लगाना चाहिए।

Karvachauth Par Na Kare Ye Kaam

इस दिन किसी का भी अपमान न करें।

चंद्रमा के माता का कारक होने की वजह से करवाचौथ के दिन शादीशुदा महिलाओं को अपनी सास, मां या फिर अन्य औरतों का अपमान नहीं करना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो ज्योतिष में इसे अशुभ माना गया है।

करवा चौथ वाले दिन महिलाएं सफेद रंग की चीजें जैसे कि दही, चावल और सफेद कपड़ा किसी को न दें, क्योंकि सफेद रंग चंद्रमा का कारक माना जाता है। अगर आपने ये किसी को दिया तो आपके लिए अशुभ साबित हो सकता है।

इस दिन महिलाएं काले, नीले और भूरे रंग के कपड़े पहन कर पूजा न करें। इससे उसको पूजा का फल नहीं मिलता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here