Important Rituals of Chhath Pooja : लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ का हिंदू धर्म में अलग महत्व है। यह एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें ना केवल उदयाचल सूर्य की पूजा की जाती है बल्कि अस्ताचलगामी सूर्य को भी पूजा जाता है। वैसे तो इस पर्व को पहले बिहार में ही मनाया जाता था लेकिन अब इस पर्व की गूंज पूरे देश में सुनाई देती है। चलिए जानते हैं इस पर्व के बारे में कुछ बातें जिनके आधार पर ये त्योहार बेहद खास बनता है। सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे ‘छठ’ भी कहा जाता है।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी से सप्तमी तिथि तक चलने वालाे चार दिन के पर्व छठ को मन्नतों का पर्व भी कहा जाता है. इसके महत्व का इसी बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इसमें किसी गलती के लिए कोई जगह नहीं होती. इसलिए शुद्धता और सफाई के साथ तन और मन से भी इस पर्व में जबरदस्त शुद्धता का ख्याल रखा जाता है. यह त्योहार 4 दिन तक मनाया जाता है। यह बिहार राज्य के प्रमुख त्योहारों में से एक है।

इस व्रत की खास बातें…

1. मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए भगवान सूर्य की अराधना की जाती है।

2. पर्व का प्रारंभ ‘नहाय-खाय’ से होता है, जिस दिन व्रती स्नान कर अरवा चावल, चना दाल और कद्दू की सब्जी का भोजन करते हैं।

Important Rituals of Chhath Pooja

3. नहाय-खाय के दूसरे दिन यानी कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी के दिनभर व्रती उपवास कर शाम में रोटी और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस पूजा को ‘खरना’ कहा जाता है।

4. इसके अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि को उपवास रखकर शाम को व्रतियां टोकरी (बांस से बना दउरा) में ठेकुआ, फल, ईख समेत अन्य प्रसाद लेकर नदी, तालाब, या अन्य जलाशयों में जाकर अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य दिया जाता है।

5. इसके अगले दिन यानी सप्तमी तिथि को सुबह उदीयमान सूर्य को अघ्र्य अर्पित करके व्रत तोड़ा जाता है।

6. चार दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व पर व्रती को लगातार उपवास करना होता है. व्रत रखने वाली महिला को ‘परवैतिन’ कहा जाता है.

7. छठ के पर्व में व्रती को भोजन के साथ ही बिस्तर पर सोने का भी त्याग करना पड़ता है.

8. छठ पर्व में व्रती का एक अलग कमरे में फर्श पर एक कंबल या चादर में सोना इस परंपरा का एक हिस्सा है.

9. छठ पूजा में व्रती बिना सिलाई किए हुए कपड़े पहनते हैं जब कि इस त्योहार में शामिल होने वाले सभी लोग नए कपड़े पहनते हैं.

Important Rituals of Chhath Pooja

10. छठ पूजा के दौरान महिलाएं साड़ी और पुरुष धोती पहनकर पूजा करते है.

11. अगर छठ का व्रत एक बार शुरू कर दिया जाए तो छठ पर्व को सालों साल तब तक करना होता है, जब तक कि घर परिवार की अगली पीढ़ी की कोई विवाहित महिला इसे करना न शुरू कर दे.

12. छठ पूजा से पहले या इस दौरान अगर घर में किसी की मृत्यु हो जाए तो यह पर्व नहीं मनाया जाता है.

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