Bada Mahadev Pujan - Aakrati.in
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बड़ा महादेव पूजन दिवस, कब है बड़ा महादेव पूजन, Bada Mahadev Pujan, Bhagwan Shiv, bada mahadev pachmarhi, bada mahadev chauragarh

हेल्लो दोस्तों हर वर्ष ज्येष्ठ माह की द्वादश प्रदोष को पचमढ़ी में बड़ा महादेव पूजन दिवस मनाया जाता है। इस दिन महादेव की विशेष पूजा की जाती है। अंग्रेंजी कैलेंडर के अनुसार इस साल 12 जून, रविवार को बड़ा महादेव पूजन होगा। तो आज इस संस्करण में हम मंदिर और पूजन के बारे में जानते हैं कुछ खास।

बड़ा महादेव मंदिर पचमढ़ी

पचमढ़ी में बहुत सारी खूबसूरत जगह हैं, इन्हीं खूबसूरत जगहों में से एक जगह है बड़ा महादेव और गुप्त महादेव। बड़ा महादेव मंदिर और गुप्त महादेव एक धार्मिक जगह है और पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से बने हुआ है। यह मंदिर प्राकृतिक वातावरण के बीच में स्थित है। इन दोनों मंदिर में गुफाएं है, जिनमें शंकर जी का शिवलिंग स्थापित है।

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बड़ा महादेव मंदिर पहुंचने का रास्ता

बड़ा महादेव एवं गुप्त महादेव मंदिर पचमढ़ी में स्थित है। यह मंदिर पचमढ़ी से लगभग 10 से 11 किलोमीटर दूरी पर है। बड़ा महादेव एवं गुप्त महादेव मंदिर पहुंचने के लिए आपको पहले पचमढ़ी पहुंचना पड़ेगा। पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एक बहुत खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह हिल स्टेशन होशंगाबाद जिले में स्थित है। होशंगाबाद मध्य प्रदेश का एक जिला है। पचमढ़ी पहुंचने का सबसे अच्छा माध्यम ट्रेन का है। आप ट्रेन से आसानी से पचमढ़ी पहुंच सकते हैं।

आपको ट्रेन के माध्यम से पहले पिपरिया आना होता है फिर उसके बाद पिपरिया से पचमढ़ी तक कर सफर बस के द्वारा किया जाता है। पिपरिया से पचमढ़ी के रास्ते में आपको बहुत ही खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। सर्पाकार सड़क से आपकी बस जाती है जिसमें चलकर आपको मजा आता है। आपको बस से ही पचमढ़ी के प्रकृति सुंदरता देखने मिलती है। यहां पर आपको ऊंचे ऊंचे पहाड़ और खूबसूरत घाटियां देखने भी मिलती है यहां पर आपको देनवा नदी का मनोरम दृश्य देखने मिलता है। इस तरह खूबसूरत व्यू का देखते हुए आप पचमढ़ी पहुंच जाते है।

बड़ा महादेव मंदिर पहुंचने के लिए बुंकिग

पचमढ़ी पहुंचकर आपको महादेव मंदिर जाने के लिए गाड़ी बुक कराना होता है। पचमढ़ी में आपको जिप्सी में सफर करना होता है। अगर आप पर्सनल जिप्सी बुक करते है तो जिप्सी का किराया 1000 रू से ऊपर ही होता है। अगर आप लोग किसी के साथ जिप्सी शेयर करते है तो आपका किराया 300 या 400 रू हो सकता है। जिप्सी वाला आपको पचमढ़ी के बडा महादेव मंदिर के रूट में जो भी मंदिर या व्यू प्वांइट पड़ते हैं वो घुमाता हुआ आपको बडा महादेव मंदिर लेकर जाता है। आप अगर मेले के समय में यहां आते हैं, तो बडा महादेव मंदिर जाने का किराया कम लगता है। मेले के समय 30 या 40 रू में आपको बडा महादेव मंदिर में छोड़ दिया जाता है। मगर आम दिनों में किराया ज्यादा लगता है। एक व्यक्ति का 300 से 400 रू किराया लगेगा।

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बड़ा महादेव मंदिर पहुंचाने वाला रास्ता

आप 300 या 400 रू किराया देकर बड़ा महादेव पहुंच जाते हैं। बड़ा महादेव के रास्ते में आपको बहुत सारे व्यूप्वाइंट देखने मिल जाते हैं, जैसे आपको इस रास्ते में पांडव गुफा देखने मिल जाएगी। प्रियदर्शनी पॉइंट देखने मिल जाएगा। हांडी को देखने मिल जाएगा, उसके बाद आप बड़ा महादेव मंदिर पहुंचते है। बडा महादेव मंदिर पहुंचने का जो रास्ता है वह थोड़ा खतरानाक है। यहाँ पर बहुत सारे ऐक्सीडेन्ट होते रहते है।

आपको यहां पहुंचकर जिप्सी से उतरना होता है। उसके बाद आप पैदल यात्रा द्वारा इस मंदिर तक जा सकते हैं। मंदिर जाने वाले रास्ते में आपको बहुत सारे बंदर देखने मिलते है जो बहुत शैतान होते है। आपके हाथ में उनको कोई भी चीज दिखती है तो वह छीनकर ले जाते है। इसलिए यहाँ पर आपको अपना सामान और पर्स वगैरह संभालकर रखने की जरूरत होती है। मंदिर जाने वाले रास्ते में आपको बहुत दुकानें देखने मिलती है जहां पर शिव भगवान को अर्पण करने के लिए प्रसाद मिलता है। यहाँ का वातावरण बहुत अच्छा है।

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लोगों द्वारा कहीं जाने वाली कथा

इस गुफा के बारे में लोगों का कहना है कि शंकर जी भस्मासुर से बचने के लिए इस गुफा में छुपे थे। भस्मासुर नाम का एक राक्षस था। उस राक्षस का वरदान प्राप्त था कि वह जिस किसी के उपर हाथ रखेगा तो वह भस्म हो जायेगा। भस्मासुर शंकर जी को भस्म करने लगा और शंकर जी को भस्मासुर से बचने के लिए यहां वहां छुपाना पडा। शंकर जी ने इस गुफा में भी शरण लिया था। यह कथा यह पर प्रचलित है।

बड़ा महादेव मंदिर का विवरण

बड़ा महादेव मंदिर में एक गुफा है, जो बहुत ही खूबसूरत है और यह पहाड़ी पर बनी है। इस गुफा के अंदर आपको एक जलकुंड देखने मिलेगा। इस कुंड में पानी भरा रहता है। इस गुफा में साल भर पानी रिसता रहता है और आप यहां जाते हैं तो यहाँ पर पूरी गुफा गीली रहती है, आप अपनी चप्पल उतारकर गुफा में प्रवेश कर सकते हैं। मंदिर के पास ही आपको दुकानें मिल जाएगी जहां से आप प्रसाद लेकर गुफा में शंकर जी को अर्पण कर सकते हैं।

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जब आप गुफा में जाते हैं तो आपको शंकर जी का शिवलिंग और उसके साथ ही साथ गणेश जी देखने मिलते हैं। गुफा के द्वार में नंदी भगवान की प्रतिमा बैठी हुई है जो पत्थर की बनी हुई है। आप गुफा में शंकर जी के दर्शन करके वापस आते हैं तो आपको नंदी भगवान जी देखने मिलते हैं। इसके बाद जब आप गुफा मंदिर से बाहर आते हैं, तो आपको एक कुंड देखने मिलेगा। जहां पर पानी भर रहता है। यह पानी पहाड़ों से आता है और इकट्ठा होता है। उसके बाद यह पानी जंगल की ओर बढ़ जाता है।

इसके बाद आगे बढ़ने पर एक छोटी सी गुफा देखने मिलेगी जिसमें एक और शंकर जी शिवलिंग के साथ साथ अन्य देवी देवता विराजमान है। यहां पर आप पूजा कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे बंदर है, जिनसे आपको बच के रहना पड़ेगा, जो आपका सामान छीनकर भाग सकते हैं। खासतौर पर खाने का सामान आपसे छीन सकते हैं। आपको यहां पर पहाडों का खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके बाद जब आगे बढते है तो हनुमान जी का छोटा सा मंदिर देखने मिलता है।

यहां की पहाड़ियों का सौन्दर्य और खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां का एरिया पूरा जंगल का एरिया है। आप अगर गर्मी के टाइम में यहां आते है तो आपको यहां पर ढेर सारे आम के पेड़ देखने मिल जाते हैं, और उसमें आम लगे भी रहते हैं। यहां सभी प्रकार की व्यवस्थाएं हैं। आपके लिए पीने का पानी एवं शौचालय की अच्छी व्यवस्था है।

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गुप्त महादेव मंदिर का विवरण

आप यहां से आगे बढते है तो आपको जो रास्ता मिलेगा, वह पूरा तरह से कच्चा रास्ता है। इसके बाद आप आगे जाएंगे तो आपको गुप्त महादेव गुफा देखने मिल जाएंगे। यह गुफा बड़ा महादेव से एक या डेढ़ किलोमीटर आगे जाते हैं, गुप्त महादेव में भी एक संकरी गुफा है। इस गुफा में एक बार में 8 से 9 ही लोग जा सकते हैं। यहां पर हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा है और यहां पर लोगों को अक्सर लाइन लगाकर गुफा के अंदर जाना पडता है।

गुफा के अंदर शिवलिंग स्थपित है। आपको गुप्त महादेव गुफा के बाहर भी बहुत खूबसूरत नजारा देखने मिलता है। यह जगह बहुत खूबसूरत है और आपको यहां पर बहुत खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। इसके आगे आप जाते हैं तो आपको चैरागढ़ मंदिर पहुंच सकते हैं।

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Akanksha
मेरा नाम आकांक्षा है, मुझे नए नए टॉपिक पर आर्टिकल्स लिखने का शौक पहले से ही था इसलिए मैंने आकृति वेबसाइट पर लिखने का फैसला लिया !

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