बच्चों का मुंडन कब और क्यों करवाएं और इसके 5 लाभ

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हिंदू धर्म में बच्चे के जन्म के बाद एक बार उसका मुंडन करवाना अनिवार्य माना जाता है। इसलिए आज हम आपको बच्चों के मुंडन से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण बातों को बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप को भी पता लगेगा कि बच्चों का मुंडन क्यों जरूरी है। सभी धर्म और जातियों में अलग-अलग परंपराएं और रीति-रिवाज हैं जिन्हें सभी बड़ी श्रद्धा के साथ पूरा करते हैं। Benefits of Mundan

इसी प्रकार हिंदू धर्म में भी कुछ परंपराएं हैं जिन्हें सब हिंदू बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ पूरी करते हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक मुंडन है। मुंडन संस्कार को हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण 16 संस्कारों में से एक माना जाता है। लोग अपनी रीति के अनुसार जन्म और मृत्यु के समय इस संस्कार को करते हैं। मुंडन करवाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

मुंडन को करवाने की मान्यता :

नवजात बच्चों का मुंडन धार्मिक कार्यों की वजह से किया जाता हैं, जब शिशु जन्म लेता है तब उसके सिर पर गर्भ के समय से ही कुछ केष पाए जाते हैं जो अशुभ माने जाते हैं. पिछले सभी जन्मों के ऋण को उतारने और पाप कर्मों से मुक्ति के उद्देश्य से मुंडन किया जाता है। ऐसा ना करने पर दोष लगता है, धार्मिक मान्यता के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी माने जाते हैं. गर्भावस्था की अशुद्धियों को दूर करने के लिए मुंडन संस्कार करवाया जाता हैं। मुंडन के बाद कहीं-कहीं शिखा छोड़ने का भी प्रयोजन है, शिखा छोड़ने के पीछे मान्यता यह हैं कि इससे दिमाग की रक्षा होती हैं, साथ ही इससे राहु ग्रह की शांति होती हैं, जिसके फलस्वरूप सिर ठंडा रहता है।

 Mundan Ceremony And Its Benefits

मुंडन कब-कब करवाना चाहिए ?

मुंडन अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार करवाया जाता है, परंतु आमतौर पर जन्म के बाद पहले वर्ष के अंत में या फिर तीसरे, पांचवें या सातवें वर्ष के समाप्ति से पहले मुंडन संस्कार करवाना प्रचलित है।

मुंडन कहाँ करवाएं :

आमतौर पर मुंडन किसी तीर्थ स्थल पर ही करवाया जाता हैं जैसे तिरुपति बालाजी, गंगाजी या किसी देवी माता के मंदिर में। ऐसा इसलिए ताकि उस दिव्य स्थल के दिव्य वातावरण का लाभ नवजात को मिले, इससे उसके मन में सुविचारों की उत्पत्ति हो सके।

 छोटे बच्चों के मुंडन के कई लाभ हैं, जैसे कि:

# सफाई के रूप में :

कहते हैं जब बच्चा माँ के गर्भ में होता हैं तब उसके सिर पर कुछ बाल होते हैं जिनमें बहुत से किटाणु व बैक्टीरिया लगे होते हैं यह बैक्टीरिया साधारण तरीके से नहलाने या धोने से नहीं निकलते इसलिए जन्म के बाद एक बार बच्चे का मुंडन अवश्य करवाना चाहिए।

 Mundan Ceremony And Its Benefits

# अच्छे बालों के लिए :

मुंडन करवाने के बाद सिर बिल्कुल खुला हो जाता है जिससे बच्चे के सिर और शरीर पर विटामिन डी यानी धूप की रोशनी सीधी पड़ती है इससे कोशिकाएं जागृत होती है और नसों में खून का परिसंचरण अच्छे से होता हैं इससे उसके भविष्य में आने वाले बाल भी अच्छे आते हैं।

# बुद्धि के लिए :

मुंडन को करवाने के बाद सिर खुला खुला हो जाता हैं व इसको करवाते समय नसों पे दबाव भी पड़ता हैं, जिससे खून का प्रवाह अच्छे से होता हैं| जो कि दिमाग के विकास के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण हैं|

# स्वास्थ्य के नजरिये से :

मुंडन करवाने से बच्चों के शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है। जिससे उनका दिमाग और शरीर ठंडा रहता है इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी अन्य परेशानियां जैसे फोड़े-फुंसी, दस्त आदि से भी राहत होती हैं।

# दांतों की खुजली :

जब मुंडन करवाया जाता हैं तब बच्चे के दांत भी निकलने शुरू हो रहे होते हैं, इस कारण उन्हें सिर में भारीपन महसूस होता हैं, सिर के बाल निकल जाने की वजह से उन्हें बहुत आराम मिलता हैं, मुंडन करवाने से दांत निकलते समय होने वाले दर्द और तालु का कांपना भी बंद हो जाता हैं।

मुंडन करवाते वक्त इन बातो का ध्यान रखें :

# बच्चे जब शांत हो तभी सिर के बाल उतरवाए नहीं तो कटने का खतरा रहता हैं।

# जिस ब्लेड व रेजर का इस्तेमाल करना हो उसको अच्छे से साफ कर ले|

 Mundan Ceremony And Its Benefits

# मुंडन के बाद शिशु के सिर को अच्छी तरह साफ करें और उस पर कोई तेल लगा दें ताकि जलन न हो।

# मुंडन के बाद कम से कम एक हफ्ते बच्चे के सिर पर किसी तरह के शैम्पू का इस्तेमाल करने से बचे|

# शैम्पू करने से त्वचा सूखी होगी व आपका बच्चा भी चिडचिडा महसूस करेगा|

# कुछ दिनों तक बच्चे के सिर को दूध से धोये| इससे उसके सिर की त्वचा भी कोमल होगी व बाल भी अच्छे आयेंगे|

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