5 घंटे लंबा होगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानिये कैसा रहेगा इसका असर

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हेल्लो दोस्तों साल का आखरी सूर्य ग्रहण (Last Surya Grahan 2020) 14 दिसंबर, सोमवार को लगने वाला है। यह इस साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इस साल कुछ 6 ग्रहणों का संयोग है। इनमें दो सूर्य ग्रहण और चार चंद्र ग्रहण हैं। अभी तक कुल 5 ग्रहण हो चुके हैं। इससे पहले इसी साल सूर्य ग्रहण 21 जून, रविवार को लगा था जो खंडग्रास था और उसे देश के कई शहरों में देखा गया था। यह साल आकाशीय, खगोलीय घटनाओं से भरपूर रहा है।

इस साल सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण के अलावा कई बार एस्‍टेरॉयड के आने की घटनाएं हुईं। दुर्लभ धूमकेतु भी दिखाई दिया था और इसी साल आकाश में एक ही सीध में कई ग्रह एक साथ आए थे। ब्‍लू मून जैसी दुर्लभ घटना भी इस साल देखने को मिली। अब इस साल का आखिरी ग्रहण सूर्य ग्रहण के रूप में आने वाला है। इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटा होगी। आकाश में घटने वाली इस खगोलीय घटना को देखने के लिए ना केवल वैज्ञानिक उत्साहित है बल्कि आम जनता भी बेसब्री से इंतजार कर रही है। जानिये इस ग्रहण से जुड़ी सारी बातें।

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सूर्य ग्रहण की तारीख और समय अवधि :

सूर्य ग्रहण- 14 दिसंबर, सोमवार
सूर्य ग्रहण की शुरुआत – शाम को 7 बजकर 3 मिनट से
सूर्य ग्रहण की समाप्ति- 14 दिसंबर की मध्यरात्रि 12 बजकर 23 मिनट (15 दिसंबर)
सूर्य ग्रहण की कुल अवधि- 5 घंटा

तिथि अनुसार यह ग्रहण अगहन कृष्‍ण अमावस्‍या को घटित होगा। यह खंडग्रास प्रकार का ग्रहण होगा एवं यह भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इसकी धार्मिक एवं ज्‍योतिष मान्‍यता नहीं है।

Last Surya Grahan 2020
Last Surya Grahan 2020

तो इसलिए भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण :

सूर्यग्रहण 14 दिसंबर 2020 को लगेगा और इस दिन मार्गशीर्ष की अमावस्या तिथि है। भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण शाम 7 बजकर 3 मिनट से शुरू हो जाएगा। ग्रहण की समाप्ति 15 दिसंबर की रात को 12 बजकर 23 मिनट होगा। संध्याकाल में लगने की वजह से ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इस वजह से ना तो इसके सूतक काल को मान्यता दी जाएगी और ना ही किसी तरह के कार्यों पर पांबदी होगी। 

कहां दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण :

वर्ष के आखिरी सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। इसका समय विदेशों के लिए है। इस ग्रहण को दक्षिण अफ्रीका, प्रशांत महासागर सहित दक्षिण अमेरिका एवं मैक्सिको के कुछ इलाकों में देखा जा सकेगा। इसके अलावा यह सऊदी अरब, कतर, सुमात्रा, मलेशिया, ओमान, सिंगापुर, नॉर्थन मरिना आईलैंड, श्रीलंका और बोर्नियो में भी दिखाई देगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में नज़र नहीं आएगा इसलिए गत चंद्र ग्रहण की तरह इस सूर्य ग्रहण का भी कोई सूतक काल नहीं होगा एवं इसका यहां कोई प्रभाव नहीं होगा। माना जा रहा है कि सूर्य ग्रहण का प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा जिससे कि मानव जीवन प्रभावित हो सकता है।

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ग्रहण काल में नहीं किए जाते हैं ये काम

  • भगवान की मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
  • बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। यानि कि शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के वक्त भोजन नहीं करना चाहिए।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति को इस समय भोजन और पानी का सेवन नहीं करना चाहिए। इस समय वो लोग भोजन और पानी का सेवन कर सकते हैं जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है या जिनकी तबीयत खराब है। इसके अलावा बच्चे और बुर्जुर्ग व्यक्ति भी भोजन और पानी का सेवन कर सकते हैं।
  • इस अवधि में गर्भवती महिलाओं को भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिये। ऐसा करने पर गर्भस्‍थ शिशु पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • तेज आवाज से बोलना, शुभ कार्य, मांगलिक कार्य आदि नहीं किए जाते हैं।
Last Surya Grahan 2020
Last Surya Grahan 2020

सूर्य ग्रहण के दौरान करें ये काम :

  • भारत में ये सूर्य ग्रहण दिखेगा इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा।
  • सूर्य ग्रहण के सूतक काल की शुरुआत से लेकर सूर्य ग्रहण की समाप्ति तक भगवान का ध्यान करना चाहिए।
  • भगवान के मंत्रों का जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान नकारात्मकता बढ़ जाती है जिससे बचने के लिए भगवान का ध्यान करना अच्छा होता है।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान पके हुए खाने या फिर खाने-पीने की किसी भी चीज में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए। पके खाने में तुलसी के पत्ते डाल देने से खाना अशुद्ध होने से बच जाता है।
  • घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
  • सूर्य ग्रहण के बाद पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर स्नान करें।
  • सूर्य ग्रहण के बाद दान-पुण्य करना चाहिए।

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गर्भवती महिलाएं बरतें ये सावधानियां :

  • गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अपना खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें किसी भी तरह का काम नहीं करना चाहिए।
  • सुई में धागा नहीं डालना चाहिये।
  • कुछ काटना, छीलना नहीं चाहिये।
  • कुछ छौंकना या बघारना नहीं चाहिये।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय प्रेग्नेंट महिलाओं को बाहर नहीं निकलना चाहिए।

क्‍या होता है सूर्य ग्रहण :

जब पृथ्वी चंद्रमा व सूर्य एक सीधी रेखा में आते हैं और सूर्य को चांद ढक लेता है। इससे सूर्य का प्रकाश हो जाता है एवं अंधेरा छाने लगता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। ऐसे में वर्ष के आखिरी सूर्य ग्रहण के समय पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा नजर आएगा। इसके चलते सूर्य आधार ढंक जाएगा।

Last Surya Grahan 2020
Last Surya Grahan 2020

सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से नहीं देखने की सलाह दी जाती है। इसका कारण यह है कि सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य से काफी हानिकारक सोलर रेडिएशन निकलते हैं जिससे कि आंखों के नाजुक टिशू डैमेज हो जाते हैं। वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चांद पृथ्वी से बेहद दूर रहने हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में इस तरह से आ जाता है। जिससे चांद सूर्य की आधे से ज्यादा रोशनी को रोक लेता है।

इस साल कुल इतने ग्रहण :

  • पहला ग्रहण: 10-11 जनवरी, चंद्र ग्रहण हुआ
  • दूसरा ग्रहण: 5 जून को चंद्र ग्रहण हुआ
  • तीसरा ग्रहण: 21 जून को सूर्य ग्रहण हुआ
  • चौथा ग्रहण: 5 जुलाई को चंद्र ग्रहण था।
  • पांचवा ग्रहण: 30 नवंबर को चंद्र ग्रहण था।
  • छठा ग्रहण: 14 दिसंबर को सूर्य ग्रहण होगा

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सूर्य ग्रहण की धार्मिक एवं पौराणिक कथा :

मत्स्यपुराण की कथानुसार, जब समुद्र मंथन से अमृत निकला था तो राहु नाम के दैत्य ने देवताओं से छिपकर उसे पी लिया था। यह होते हुए सूर्य और चंद्रमा दोनों ने देख लिया था। इस बात की जानकारी उन्होंने भगवान विष्णु को दी। यह सुन विष्णु जी को बहुत क्रोध आ गया। उन्होंने राहु के इस अन्यायपूर्ण कृत के चलते उसे मृत्युदंड देने के लिए उस पर सुदर्शन चक्र से वार किया। ऐसा करने पर राहु का सिर उसके धड़ से अलग हो गया। लेकिन उसने अमृतपान किया हुआ था जिसके चलते उसकी मृत्यु नहीं हुई। वहीं, राहु ने सूर्य और चंद्रमा से प्रतिशोध लेने के लिए दोनों पर ग्रहण लगा दिया। इसे ही आज सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण के नाम से जाना जाता है।

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